उड़ान...परों से तो परिंदे उड़ते हैं, हम उड़ते हैं हौसलों से
क्रांति की तलवार विचारों की शान पर तेज़ होती है...
सोमवार, 10 अगस्त 2015
कॉर्पोरेट
कॉर्पोरेट वो जाल है जिसमे फँसने के बाद निकलना मुस्किल हो जाता है क्योकी इसमे इतनी चमक होती है जो चोंधियँ मारती है !
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