क्रांति की तलवार विचारों की शान पर तेज़ होती है...
सोमवार, 10 अगस्त 2015
कॉर्पोरेट
कॉर्पोरेट वो जाल है जिसमे फँसने के बाद निकलना मुस्किल हो जाता है क्योकी इसमे इतनी चमक होती है जो चोंधियँ मारती है !
रविवार, 9 अगस्त 2015
गुलामी
गुलामी दोनो में होती है चाहे सामन्तवाद हो या पूंजीवाद,बस फ़र्क एक ही है एक में गुलामी की जंज़ीर लोहे की होती है और दूसरे में सोने की |
उदारीकरण
हमारे स्कूलों और कॉलेजों में जिस तत्परता से फीस वसूल की जाती है,शायद मालगुजारी भी उतनी सख्ती से नहीं वसूल की जाती।
सामंतवाद
In every revolutionary crisis the state will slip off the velvet glove to reveal the iron fist underneath; that is the nature of the beast.
--Lenin
नया दौर
कुछ लोग "कुछ चीज़े" इसलिए करते है क्योकि "कुछ लोग" करते है और यही आगे चल कर फॅशन बन जाता है|
भारतीय प्रजातंत्र
हम अपने विरोधी के प्रति यहाँ तक क्रूर हो गए है की उसके विपरीत विचारो को दुश्मनी का रूप दे रहे है |
सूर्य नमस्कार
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सूर्य नमस्कार के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कर रहा है शायद ये सही भी हो क्योकी ये थोपा जा रहा है पर इस निर्णय में क्यो वो लोग भी शामिल है जिन्हे ये करना है ? लेकिन योगा कैसे धर्म के खिलाफ है | किसी भी धर्म का मूल्यांकन उस धर्म में महिलाओं और बच्चो की सामाजिक आज़ादी से लगाया जा सकता है इसलिए पहले इसी पर अपनी उर्जा खर्च क्यो नही करते|
ये उन सभी धर्मो पर लागू होता है जो ऐसी आज़ादी नही देते|
बरकत
नौकरी में ओहदे की ओर ध्यान मत देना, यह तो पीर का मजार है। निगाह चढावे और चादर पर रखनी चाहिए। ऐसा काम ढूँढना जहाँ कुछ ऊपरी आय हो। मासिक वेतन तो पूर्णमासी का चाँद है, जो एक दिन दिखाई देता है और घटते-घटते लुप्त हो जाता है। ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत है जिससे सदैव प्यास बुझती है। वेतन मनुष्य देता है, इसी से उसमें वृध्दि नहीं होती। ऊपरी आमदनी ईश्वर देता है, इसी से उसकी बरकत होती हैं, तुम स्वयं विद्वान हो, तुम्हें क्या समझाऊँ।
-नमक का दारोगा
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