उड़ान...परों से तो परिंदे उड़ते हैं, हम उड़ते हैं हौसलों से
क्रांति की तलवार विचारों की शान पर तेज़ होती है...
रविवार, 9 अगस्त 2015
गुलामी
गुलामी दोनो में होती है चाहे सामन्तवाद हो या पूंजीवाद,बस फ़र्क एक ही है एक में गुलामी की जंज़ीर लोहे की होती है और दूसरे में सोने की |
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